उत्तरी राजस्थान में हिरणों की संख्या में कमी चिंता का विषय, वन्यजीवों के संरक्षण में संगठित प्रयास हो- रामरतन बिश्नोई

 उत्तरी राजस्थान में हिरणों की संख्या में कमी चिंता का विषय, वन्यजीवों के संरक्षण में संगठित प्रयास हो- रामरतन बिश्नोई

प्राकृतिक संसाधनों के अभाव से  बेहद प्रभावित हुआ है वन्यजीवों का प्रजनन


बिश्नोई न्यूज़ डेस्क, रायसिंहनगर 8 जनवरी । निकटवर्ती ग्राम डाबला में श्री जंभेश्वर पर्यावरण एवं जीवरक्षा संस्था राजस्थान की एक संगोष्ठी रखी गई जिसमें बिश्नोई मंदिर समिति बुड्ढा जोड़ के अधिकारियों ने भी भाग लिया ।

         संस्था के प्रदेश अध्यक्ष रामरतन बिश्नोई ,अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता पीराराम धायल बिश्नोई, संस्था के प्रदेश महामंत्री अनिल धारणियां ने हिरण रेस्कयू सेंटर का निरीक्षण किया। वन्यजीवों की चिकित्सा, भरण पोषण ,छाया पानी चारा रख रखाव उनके प्रजनन संबंधी विषयों पर चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

प्राकृतिक संसाधनों के अभाव से बेहद प्रभावित हुआ है वन्यजीवों का प्रजनन 

प्राकृतिक संसाधनों के अभाव से  बेहद प्रभावित हुआ है वन्यजीवों का प्रजनन - पीराराम धायल


   वन्यजीव विशेषज्ञ पीराराम धायल ने रेस्क्यू सेंटर में भर्ती हिरणों के स्वास्थ्य की जांच की। उनके स्वास्थ्य और प्रकृति के अनुसार उन्हें चारा पानी छाया निवास स्थान प्रजनन चिकित्सा आदि सुविधाओं के संबंध में श्री बिश्नोई मंदिर समिति के पदाधिकारियों को बिंदुवार जानकारी दी। साथ ही रेस्क्यू सेंटर की सुविधाएं बढ़ाने की बात कही।

पीराराम धायल ने स्वयं द्वारा सांचौर तहसील के धमाणा गांव में संचालित रेस्क्यू सेंटर की सुविधाओं की भी विस्तार से जानकारी दी। प्रेरणा देकर अन्य स्थानों पर भी विलुप्त होते वन्यजीवों को बचाने की बात पर जोर दिया।


उत्तरी राजस्थान में तेजी से हिरणों की संख्या घटना चिंताजनक विषय है। वन्यजीवों के संरक्षण में संगठित प्रयास हो।

- रामरतन बिश्नोई

 

संस्था के प्रदेश अध्यक्ष रामरतन विश्नोई ने वन्यजीवों की घटती संख्या पर चिंता जताई और सभी से आह्वान किया कि वन्यजीवों के संरक्षण से संबंधित हर संभव प्रयास में संगठित होकर मदद करें।

संस्था की टीम ने श्रीगंगानगर के ग्राम बारांवाली, उड़सर रिडमलसर, भगवानगढ़, लखासर, ढाबाझल्लार गुरुसर मोडिया ,जोड़किया, रतनपुरा आदि गांव की रोही में वन्यजीवों के विचरण का भी निरीक्षण किया। जहां हिरण कम व नीलगाय अधिक मिली। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह स्थिति पर्यावरण प्रेमियों के लिए सोचनीय विषय है ।

    संस्था के प्रदेश महामंत्री और अमृता देवी पर्यावरण पुरस्कार विजेता अनिल कुमार विश्नोई ने इस क्षेत्र में वन विभाग द्वारा किए जा रहे वन्य जीव संरक्षण ,पर्यावरण संरक्षण तथा बिश्नोई समाज द्वारा किए जा रहे प्रकृति बचाने संबंधी कार्यों की समीक्षा की ।

     श्री बिश्नोई मंदिर समिति बुड्ढा जोहड़ डाबला के अध्यक्ष विष्णु कुमार सीगड़, पूर्व अध्यक्ष दिलीप कुमार अन्य पदाधिकारी भूपराम कस्वां, सुरेन्द्र गोदारा, दिलीप, कृष्णकुमार, अंकित, विजयसिंह भादू, बंशीलाल भादू ने भी संगोष्ठी में अपने विचार रखे।

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