हरियाणा के भूना कस्बे में राजकीय महाविद्यालय का नामकरण हो पर्यावरण संरक्षण को समर्पित करने की मांग आज युवा संगठन के साथियों की ओर से की गई ।

हरियाणा के भूना कस्बे में राजकीय महाविद्यालय का नामकरण हो पर्यावरण संरक्षण को समर्पित करने की मांग आज युवा संगठन के साथियों की ओर से की गई ।


  भारत जो कि बुद्ध, महावीर और गांधी जैसे महा पुरूषों की धरती रहा है, यह वो धरती रही है जहां वृक्षों की केवल पूजा ही नही की जाती बल्कि भगवान स्वरूप माना गया है, की धरती पर ऐसी धर्म पालने वाली एक आस्था भी है जिसका नाम है ‘बिश्नोई’ ।
हरियाणा के भूना कस्बे में राजकीय महाविद्यालय का नामकरण हो पर्यावरण संरक्षण को समर्पित करने की मांग आज युवा संगठन के साथियों की ओर से की गई ।

बिश्ननोई धर्म को पर्यावरण संरक्षण के लिए जाना जाता है । इसी कड़ी में हमारे भारतवर्ष में ‘बिश्नोई धर्म’ के लोगो द्वारा विश्व को पर्यावरण के संरक्षण के महत्व का संदेश देने वाली यह अनूठी महाबलिदान की घटना, जो कि सन् 1730  को घटी थी इसका, 'पर्यावरण संरक्षण'  का संदेश समपूर्ण विश्व के सामने अनूठा हैं। विश्व के इतिहास मेें ऐसी अनूठी बलिदान की घटना जो इतिहास में अपना सही स्थान नही बना सकने के कारण प्रचारित न हो पाई, इस को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने की जरूरत है। 
हरियाणा के भूना कस्बे में राजकीय महाविद्यालय का नामकरण हो पर्यावरण संरक्षण को समर्पित करने की मांग आज युवा संगठन के साथियों की ओर से की गई ।

 गुरू जम्भेश्वर भगवान ने इस धर्म पालन के लिए 29 नियमों की अचांर सहिंता बना कर मध्यकाल मे बिश्ननोई धर्म का प्रर्वतन किया था। जिसमें एक‐एक नियम वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आज के समय में, आज के समय की जरूरत महसूस होता है। पर्यावरण संरक्षण हेतू के नियम की रक्षा हेतू अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 बिश्नोईओं ने, उस समय की मारवाड़ राज्य ( वर्तमान जोधपुर) के ग्रांम खेजड़़ली में एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जिस का सानी विश्व में दूसरा कोई नही है। 

पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की जरूरत है और 
हम सभी को आज ऐसी महाबलिदान की गाथा को विश्व पटल पर ले जाकर, सम्पूर्ण भारत व विश्व को इसे एक उदाहरणत्मक तौर पर, प्रेरणात्मक तौर पर प्रस्तुत कर, पर्यावरण संरक्षण, वन्य व वन्य जीव संरक्षण हेतू  प्रोत्साहन के लिए उदाहरणार्थ प्रस्तुत करना चाहिए ।

हम इसी संदर्भ मे हम जिला फतेहाबाद के पर्यावरण प्रेमी व बिश्ननोई धर्म के अनुयायी लोग एक अनुरोध आपके सामने विचारार्थ रखना चाहते है। जिन पर अनुपालना करने का विचार कर आप सभी हरियाणा वासियों को गौरांविन्त महसूस करवा सकते हैं ।
1. हमारे जिला फतेहाबाद के भूना कस्बे में राजकीय महाविद्यालय का निमार्ण कार्य किया जा रहा है । हम इसी महाविद्यालय के नामकरण हेतू आप से अनुरोध करते हैं कि आप इसका नाम बिश्ननोई धर्म के प्रवर्तक गुरु जम्भेश्वर महाराज जी के नाम से अथवा धर्म नियमों की रक्षा करने वालो की अगुवाई वाली  'शहीद माता अमृता देवी बिश्ननोई' के नाम पर करे। और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले गुरु जम्भेश्वर भगवान की शिक्षाओ की और इस ऐतिहासिक घटना की चिरस्मृति समस्त छात्रों को हो  सके और वे प्रोत्साहित हो सके   तथा एक सच्ची श्रद्धांजलि भी हरियाणा सरकार द्वारा 363 शहीदों को प्रस्तुत हो।

 इस अवसर पर पूर्व विधायक बलवान सिंह जी को धन्यवाद प्रेषित किया और  वर्तमान सरकार में विधायक दुड़ा राम जी को भी अनुरोध किया गया कि वे इस सन्दर्भ में मुख्यमंत्री जी को जनभावना के अनुरूप इस कार्य को आगे बढ़ाये । 

 इस मौके पर प्रवीन धारनियां  राष्ट्रीय अध्यक्ष, हमनाम सिंह भादू, एडवोकेट आत्मा राम डेलू, एडवोकेट विष्णु डेलू, एडवोकेट भाल सिंह, जिलाध्यक्ष सुभाष खिचड़,  एडवोकेट महेन्द्र धारनियां ,  मंगत राम, हरमीत सिंह, जितेंद्र पाल, संदीप कुमार सहित विभिन्न साथी उपस्थित रहे।

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