नीलगायों को मारने के आदेश के खिलाफ उतरा बिश्रोई समाज


अबोहर : कैप्टन सरकार के नीलगाय व जंगली सुअरों को मारने के लिए गए फैसले पर बिश्नोई समाज ने रोष जताया है। उन्होंने इन निर्णय को वापस लेने की चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस निर्णय को किसी भी सूरत में लागू नहीं होने देंगे। बिश्नोई समाज द्वारा इस संबंध में एक मांगपत्र भी एसडीएम के माध्यम से सरकार को भेजा गया है।
गौरतलब है कि कैप्टन सरकार द्वारा खेतों में पशुओं द्वारा फसलों को बर्बाद करने से बचाने के पंजाब राज्य जंगली जीव बोर्ड के अधिकारियों को फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जानवरों पर गोली चलाने के परमिट देने का तरीका आसान बनाने का फैसला लिया है। इसके अलावा सांडों की नसबंदी करवाने का फैसला भी लिया गया है।
सरकार के इस फैसले के विरोध में बिश्नोई समाज की बैठक शनिवार को बिश्नोई मंदिर में हुई, जिसमें सरकार के इस फैसले की कड़ी ¨नदा की गई व इसको किसी भी हालत में लागू नहीं होने देने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर कहा कि बिश्नोई समाज के लोगों ने तो पेड़ों की रक्षा के लिए कुर्बानियां दी थीं। अब तो यह जंगली जीवों का मामला है। जीवों को पालना व उनकी रक्षा करना बिश्नोई धर्म के 29 नियमों के अंतर्गत आता है। बैठक में कहा गया कि पूरा बिश्नोई समाज व जीव प्रेमी भूख हड़ताल व आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। सरकार ने अगर अपना काला कानून वापस न लिया तो उन्हें फिर से कुर्बानियां देनी पड़ेंगी। इस दौरान होने वाले जान-माल के नुकसान की जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। बैठक में विष्णु भगवान डेलू, रमेश बिश्नोई, रा¨जदर बागड़िया, सरपंच महेंद्र भादू, राममूर्ति भादू, सुनील गोदारा, जयपाल, रा¨जद्र सहारन, सुरेंद्र कुमार, राम कुमार डेलू, प्रेम बागड़िया, एडवोकेट विजेंद्र पाल, संजय भादू, श्रवण सियाग, सुभाष सावंत मौजूद थे।

मुख्यमंत्री से मिलेंगे बिश्नोई समाज के लोग
बैठक के दौरान बिश्नोई समाज के लोगों द्वारा 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें बिश्नोई महासभा के प्रदेशाध्यक्ष गंगा बिशन भादू, अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के प्रदेश अध्यक्ष आरडी बिश्नोई, रा¨जद्र पूनिया, लोकेश गोदारा, बुधराम बिश्रोई, महेनद्र भादू व रमेश राहड़ को शामिल किया गया है। कमेटी के सदस्य सोमवार को अबोहर व बल्लूआना क्षेत्र के नेताओं को साथ लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र ¨सह से मिलेंगे व इस फैसले को वापिस लेने की मांग करेंगे। उनकी सुनवाई न हुई तो संघर्ष का बिगुल बजाया जाएगा। उन्होंने एक चेतावनी पत्र एसडीएम पूनम ¨सह को सौंपा। एसडीएम ने कहा कि वह इसकी रिपोर्ट जिला उपायुक्त व पंजाब सरकार को भेज देंगे। एसडीएम ने उपस्थित लोगों से अपील की कि जब तक सरकार का इस संबंध में कोई नया आदेश न आए, कानून व्यवस्था को अपने हाथ में न लें।

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